छत्तीसगढ़ के चर्चित बीरनपुर कांड पर आधारित फिल्म “बीरनपुर फाइल्स” अब दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार है। सेंसर बोर्ड की आवश्यक औपचारिकताओं के कारण लंबे समय से अटकी यह फिल्म अब रिलीज के लिए हरी झंडी पा चुकी है। संभावना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में यह फिल्म दर्शकों को देखने को मिलेगी।
सत्य घटना पर आधारित यह फिल्म बीरनपुर कांड की पूरी कहानी को पर्दे पर प्रस्तुत करती है। इस घटना ने छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक परिदृश्य में व्यापक हलचल मचाई थी। फिल्म के माध्यम से न केवल हत्याकांड की घटनाओं को प्रभावी ढंग से दिखाने का प्रयास किया गया है, बल्कि उससे जुड़े कई अनछुए पहलुओं और अपराधियों की भूमिका को भी सामने लाने की कोशिश की गई है।
फिल्म का निर्माण व्हाय आर फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले किया गया है। निर्माता-निर्देशक हेमलाल चतुर्वेदी की यह कृति लगभग दो वर्ष पहले बनकर तैयार हो चुकी थी, लेकिन सत्य घटनाओं पर आधारित होने के कारण आवश्यक नियमों और औपचारिकताओं के चलते इसकी रिलीज में विलंब हुआ।
फिल्म के निर्माता-निर्देशक हेमलाल चतुर्वेदी एवं राष्ट्रवादी पत्रकार राष्ट्रबोध के संपादक पवन केसवानी ने आज रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी से भेंट कर फिल्म की विषय-वस्तु और इसकी उपयोगिता के संबंध में चर्चा की।
इस मौके पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने प्रेस क्लब पहुंचकर अध्यक्ष मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश यादव, संयुक्त सचिव भूपेन जांगड़े तथा वरिष्ठ पत्रकारों की मौजूदगी में “बीरनपुर फाइल्स” का पोस्टर भी लॉन्च किया। साथ ही पत्रकारों को विशेष स्क्रीनिंग के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया गया।
पत्रकारों के लिए फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग 21 मार्च को रायपुर के विमतरा हॉल में आयोजित की जाएगी। रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने फिल्म निर्माण के लिए चतुर्वेदी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने पत्रकार साथियों से अपील की है कि वे 21 मार्च को आयोजित विशेष स्क्रीनिंग में शामिल होकर फिल्म देखें और अपनी समीक्षा के माध्यम से पाठकों एवं दर्शकों को इस फिल्म के बारे में अवगत कराएं,
इस मौके में प्रेस क्लब के पदाधिकारी गणों के साथ वरिष्ठ पत्रकार कमलेश गोगिया, शंकर चंद्राकर , मुकेश वर्मा, जगजीत सिंह, साजिद, संतोष साहू , हेमंत डोंगरे, मौजूद थे |

